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आबकारी Excise: abkari vibhag Rajasthan

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abkari vibhag Rajasthan

आबकारी विभाग (Excise Department): राजस्थान सरकार के लिए abkari vibhag शराब और ड्रग्स के आयात निर्यात की निगरानी करता है |

आबकारी विभाग राज्य का तीसरा सबसे बड़ा टैक्स कलेक्शन डिपार्टमेंट है |

आबकारी विभाग राजस्थान

राजस्थान का आबकारी विभाग टैक्स कलेक्शन के साथ साथ शराब और ड्रग्स के लिए आयात निर्यात उत्पादन और बिक्री के नियम भी बनाता है |

abkari vibhag Rajasthan राज्य में होने वाले अवैध तस्करी को भी रोकने का कार्य करता है| राजस्थान में हरियाणा की शराब आना एक आम बात है इसको रोकने का कार्य आबकारी के अन्दर आता है |

Excise Commissioner Rajasthan

आबकारी के संचालन के लिए रीजनल वाइज टीम बनाई जाती है जिनका हेड कमिश्नर होता है |

  1. आबकारी विभाग राजस्थान के कमिश्नर कौन है?

    SHRI BISHNU CHARAN MALLICK

  2. आबकारी विभाग का मुख्यालय कहा पर है ?

    उदयपुर में राजस्थान के abkari vibhag का headquarter स्थित है |

  3. राजस्थान आबकारी विभाग के फोन नंबर

    एसटीडी कोड: 294; 141
    नंबर: 2524911; 2744230,2740829

आबकारी विभाग जोन:

आबकारी डिपार्टमेंट को राजस्थान में 7 जोन में बांटा गया है

Additional Comm.,
Udaipur Zone
Additional Comm.,
Jaipur Zone
Additional Comm.,
Jodhpur Zone
Additional Comm.,
Ajmer Zone
Additional Comm.,
Bikaner Zone
Additional Comm.,
Kota Zone
Additional Comm.,
Bharatpur Zone

आबकारी विभाग द्वारा जारी विभिन्न प्रकार की शराब की रेट लिस्ट देखे

डाउनलोड स्टेट liqour sales पॉलिसी

शराब ठेका लॉटरी 2020 लिस्ट जारी

राज्य सरकार (Abkari Vibhag Rajasthan) ने वर्ष 2020-21 के लिए शराब बिक्री दुकान के लिए आवेदन मांगे थे जिनकी लास्ट तारीख 7 मार्च 2020 रखी गयी थी |

12 मार्च 2020 को एक्साइज डिपार्टमेंट की ऑफिसियल वेबसाइट पर ठेका दुकान की लॉटरी की लिस्ट जारी कर दी गयी है |

राजस्थान शराब ठेका लॉटरी 2020 कैसे देखे

स्टेप 1: लिस्ट को देखने के लिए यहाँ ये ऑफिसियल साईट पर जाये

स्टेप 2: यहाँ से राउंड सेलेक्ट करे जैसे round 1 , round 2

स्टेप 3: इसके बाद आपको कुछ इस तरह की विंडो दिखाई देगी, जहाँ से अपने जिले की लिस्ट डाउनलोड कर सकते है |

abkari sharab lottery 2020 list kaise dekhe online Rajasthan

अन्य:

राजस्थान न्याय आधिकारिता विभाग

राजस्थान हाई कोर्ट के बारे में जानकारी

राजस्थान चुनाव आयोग

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पिता की जायदाद पर बेटा बेटी का बराबर हक़: सुप्रीमकोर्ट हिन्दू उतराधिकारी कानून

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सुप्रीमकोर्ट ने पिताजी की पैत्रिक सम्पति पर हिन्दू उतराधिकारी अधिनियम कानून के तहत बेटा और बेटी के लिए बराबर हक़ का फैसला सुनाया है |

सुप्रीमकोर्ट ने साफ़ कर दिया है की अपने पिताजी की सम्पति में बेटी का भी बराबर का हक है भले ही उनके पिताजी की मर्त्यु 2005 में कानून लागु होने से पहले हो गयी हो |

लेकिन 20 दिसम्बर 2004 से पहले अगर सम्पति की बिक्री, वसीयत या किसी अन्य कारण से समाप्त कर दी गई है तो यह लागु नहीं होगा

पिता की जायदाद: हिन्दू उतराधिकारी अधिनियम कानून

हिन्दू उतराधिकारी अधिनियम कानून 1956 मैं लाया गया इसका मुख्य उद्देश्य हिंदुओं के पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर था ।

मूल-कानून: इस कानून के तहत अगर किसी पिता की मृत्यु बिना वसीयत बनाए हो जाती है तो उसकी संपत्ति पर उसके उत्तराधिकारीयों का हक होगा

संसोधन: इस अधिनियम को 2005 में दोबारा संशोधित किया गया इसका मुख्य उद्देश्य 1956 के कानून में रहे लैंगिक भेदभाव को मिटाना था, बेटा और बेटी को बराबर हक दिया गया

कवरेज: इस कानून में हिंदू धर्म के अंतर्गत हिंदू बौद्ध सीख जैन ब्रह्म समाज वीरशैव लिंगायत प्रार्थना समाज आर्य समाज के अनुयाई भी आते हैं और अन्य ऐसे व्यक्ति जो मुस्लिम क्रिश्चियन पारसी या यहूदी न हो उनको भी इस अधिनियम के तहत जोड़ा गया है ।

इस कानून के तहत हिंदू परिवार की पुत्री जन्म से ही अपने समय के अधिकार से उसी रीती से सहदायक बन जाएगी जैसे पुत्र होता है

सहदायक की संपत्ति में उसे वही अधिकार प्राप्त होंगे जो उसे तब प्राप्त हुए होते जब वह पुत्र होता

हिंदू वारिस संपति में सुप्रीम कोर्ट का नया ऑर्डर 2020

क्योंकि यह नियम 2005 में बन चुका था तो 2020 में इस पर सुप्रीम कोर्ट का दोबारा फैसला सुनाने की नौबत क्यों आई?

प्रकाश बनाम फूलमती 2016 का केस और सुमन सुरपुर बनाम अमन 2018 का केस सोल्व करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तीन सदस्य बेंच का गठन किया था

इस तीन सदस्य बेंच ने 2020 में अब यह फैसला सुनाया है की पिता की मृत्यु 2005 से पहले हो गई हो तो भी बेटी को बराबर का हक मिलेगा उसके हक को वंचित नहीं किया जा सकता ।

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UPSC 2019 Final Result Check Merit First Rank Pradeep Singh RajHindi

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UPSC (Union Public Service commission) ने यूपीएससी 2019 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया है

UPSC 2019 फाइनल में प्रदीप सिंह ने फर्स्ट रैंक हासिल की है |

UPSC 2019 का लिखित पेपर सितम्बर 2019 में हुआ था और इंटरव्यू फरवरी 2020 में आयोजित किया गया था |

इसमें कुल 829 अभ्यर्थी को सेलेक्ट किया गया है |

GENERAL – 304
EWS – 78
OBC – 251
SC – 129
ST – 69

upsc 2019 final result pdf dowload

UPSC 2019 Topper List

1 6303184 PRADEEP SINGH

2 0834194 JATIN KISHORE

3 6417779 PRATIBHA VERMA

4 0848747 HIMANSHU JAIN

5 0307126 JEYDEV C S

Download: UPSC 2019 Final Result PDF Download

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भारत की जलवायु – मानसून और मौसम RAS/UPSC

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भारत की जलवायु: भारत की जलवायु मे अनेक तरीके की विविधता पाई जाती है हर तरीके की भू-आकृति यहां पर देखी जा सकती है जैसे पहाड़ पठार पर्वत मैदान नदियां पश्चिमी घाट पूर्वी घाट थार का रेगिस्तान आदि शामिल है।

जलवायु किसे कहते हैं?

दीर्घकालीन समय में वायुमंडलीय पवनो के बदलाव को ही जलवायु कहते हैं । अगर यही प्रक्रिया छोटे अंतराल पर होती है तो उसे मौसम कहा जाता है ।

भारत देश मुख्यतः दक्षिणी-पश्चिमी मानसून पर आधारित है, यहां से उठने वाली पवने ही पूरे भारत में वर्षा का जरिया बन पाती है ।

भारत में मानसूनी जलवायु:

भारत में मुख्यतः चार ऋतु होती है जिसमें मौसम का आगमन मौसम का लौटना शीतकाल और ग्रीष्म काल शामिल है ।

जून से दिसंबर तक मौसमी हवाएं दक्षिण पश्चिमी के हाई प्रेशर से से उत्तर पूर्व के लो प्रेशर की तरफ बहती है और अपने साथ आद्रता ले जाती है जो मुख्य रूप से भारत में बरसात का कारण बनता है ।

दिसंबर से मई के बीच में भारत में सर्दी ऋतु होती है इस समय मौज में हवाएं उत्तर पूर्व के हाई प्रेशर से दक्षिण पश्चिम के लो प्रेशर की तरफ बहती है ।

भारत की जलवायु के मानसून सिद्धांत:

  1. थर्मल कांसेप्ट – हेले 1686
  2. डायनामिक/एयर मास थ्योरी फोन 1951
  3. जेट स्ट्रीम थ्योरी- पी कोटेश्वर
  4. मोनेक्स थ्योरी

भारत में मानसून का प्रारंभ:

भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून का प्रारंभ निम्न कारणों से होता है

  1. उपोषण जेट स्ट्रीम के 2:00 से एक में परिवर्तन होने पर
  2. 66 डिग्री ईस्ट विषुवत में निम्न दाब 2 क्षेत्र के एक में परिवर्तन होने पर
  3. मालाबार तट पर पर बने निम्न दाब के आगे बढ़ने पर

राजस्थान में वर्षा कम क्यों होती है?

राजस्थान में कम वर्षा होने का मुख्य कारण यहां की भौगोलिक स्थिति है जिसके निम्न कारण है

  1. मानसूनी हवाओं का अरावली पर्वतमाला के समांतर बहने के कारण
  2. अरावली पर्वतमाला कि कम हो जाए जिससे मानसूनी पवनो को आगे बढ़ने से कोई रुकावट नहीं है
  3. यहां पर पाई जाने वाली तापीय विलोमता के कारण

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