ब्रह्मोस मिसाइल अब आर्मी में भी शामिल होगी: सफल परिक्षण

ब्रह्मोस मिसाइल एयरफोर्स और नेवी में पहले से है अब इसे आर्मी में भी शामिल करने के लिए मंगलवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटिग्रेटेड टेस्ट रेंज में डीआरडीओ ने सफल परिक्षण किया |

DRDO: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ( Defence Research and Development Organisation)

चेयरमैन: डॉ सतीश रेड्डी

रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करता है |

ब्रह्मोस मिसाइल

ब्रह्मोस एक मध्यम दूरी की रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है जिसे पनडुब्बी, जहाज, विमान या जमीन से लॉन्च किया जा सकता है। यह सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है

इस missile को भारत और रूस मिलकर बना रहे है |

BrahMos एयरोस्पेस सीईओ: सुधीर कुमार मिश्रा

ब्रह्मोस मिसाइल आर्मी की खासियत:

  • मिसाइल की रेंज 290 किमी
  • लक्ष्य से महज 20 किमी पहले रास्ता बदलने वाली तकनीक
  • ध्वनि की गति से दोगुनी रफ्तार से लक्ष्य भेदने में सक्षम
  • ब्रह्मोस मिसाइल आर्मी की लंबाई 9 मीटर
  • एक बार में 200 किग्रा वजनी वारहेड ले जाने में सक्षम
  • सतह से वार करने वाली मिसाइल

इस परिक्षण में ब्रह्मोस मिसाइल ने सभी मापदंड पुरे कर लिए है और ये पूरी तरह से सटीक निशाना लगने में कामयाब रही |

RAJENDRA SINGH

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