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राष्ट्रीय एकता दिवस – रन फॉर यूनिटी 31 अक्टूबर को

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Rashtriya ekta diwas sardar patel run for unity

राष्ट्रीय एकता दिवस: राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन के उपलक्ष में मनाया जाता है, पटेल को भारत की एकता में बांधने का सूत्रधार माना जाता है

राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत केंद्र सरकार ने 2014 से की, सरदार पटेल के देश प्रेम और भारत के एकीकरण की उपलब्धि को जिन्दा रखने के नाम से मोदी सरकार ने इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मानना चालू किया

इस मौके पर इंडिया गेट दिल्ली में रन फॉर यूनिटी दौड़ का आयोजन किया जाता है . 2019 में होने वाली रन फॉर यूनिटी दौड़ नेशनल स्टेडियम से शुरू होकर रन फॉर यूनिटी इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति तक जाएगी

राष्ट्रीय एकता दिवस 2019 की एक झलक

हजारो की संख्या में प्रतिभागी रन फॉर यूनिटी की दौड़ में भाग लेते है जिसको हरी झंडी श्री अमित शाह दिखायेंगे, 31 अक्टूबर गुरुवार सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक इंडिया गेट सी-हेक्सागोन मार्ग को बंद किया जायेगा

राष्ट्रीय एकता का महत्त्व एवं भाषण (Rashtriya Ekta Diwas speech in Hindi)

किसी भी देश की प्रगति और अच्छी अर्थव्यवस्था के लिए देश में एकता होना बहुत जरुरी है, भारत में राष्ट्रीय एकता को जगाने का काम निरंतर होता रहा है, इसका मतलब यहाँ की एकता अखंडता को ठेस पहुचने वाले भी बहुत हुए है

भारत में एकता की कमी के कारण अंग्रेजो ने फुट डालो और राज करो की रणनीति से यहाँ पर अपना राज किया और भारत के लोगो को दबाये रखा कुचले रखा

एकता को मजबूत बनाने का काम 1857 की क्रांति से ही हो गया था जहाँ पर अनेक मंगल पाण्डेय जैसे क्रान्तिकारी लोगो ने अपने जीवन को दाव पर लगाकर भारत को आज़ाद करने के साथ साथ एक करने का काम किया |

धीरे धीरे लोगो में जागरूकता बढ़ी और विदेशी हुकूमत को 1947 में उखाड़ फेकने में कामयाब हुए

जब भारत आजाद हुआ तब भारत अनेक छोटी छोटी रियासतों में बटा हुआ था जिसपर यहाँ अनेको रियायतों के सरदार राज करते थे, जिसको एक करने काम सरदार पटेल में भलीभांति किया

जो आज हम भारत का नक्शा देख पा रहे है वो सही मायने में सरदार पटेल के कुशल नेतृत्व और सुझबुझ की देन है, उन्ही की बदोलत सभी रियासतों के राजा भारत के एकीकरण में राजी हुए

आज के टाइम में भी राष्ट्रीय एकता की बहुत जरूरत है, एकता अपने परिवार से शुरू होती जो राष्ट्र तक जाती है.

राष्ट्रीय एकता दिवस कविता

राष्ट्र की एकता ही हैं उसका आधार
न थोपों उस पर सांप्रदायिक विचार
क्यूँ करते हो भेद ईश्वर के बन्दों में
हर मज़हब सिखाता हैं प्रेम बाँटो सब में
क्यूँ करते हो वैचारिक लड़ाई
बनता हैं यह भारत माँ के लिए दुखदाई
एक भूमि का टुकड़ा नहीं हैं मेरा देश
मेरी माँ का हैं यह सुंदर परिवेश
इसके उद्धार में ही हैं अलौकिक प्रकाश
सबके साथ में ही हैं सबका विकास
एकता ही हैं अंत दुखों का
एकता में ही हैं कल्याण अपनों का

सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता में

सरदार वल्लभभाई का जन्म 31 अक्टूबर को हुआ है इसलिए एकता दिवस को इस दिन मनाया जाता है

आजादी के समय भारत में कुल 562 देशी रियासतें थीं सरदार पटेल तब अंतरिम सरकार में उपप्रधानमंत्री के साथ देश के गृहमंत्री थे। जूनागढ, हैदराबाद और कश्मीर को छोडक़र 562 रियासतों ने स्वेज्छा से भारतीय परिसंघ में शामिल होने की स्वीकृति दी थी।

लार्ड माउन्टबेटन ने 15 अगस्त 1945 को जापान आत्मसमर्पण को यादगार बनने के लिए 15 अगस्त 1947 का दिन चुना, और जवाहरलाल लाल नेहरु के सामने आज़ादी के लिए ये शर्त रखी की भारत के जितने भी रजवाड़े है वो किसी एक मुल्क का हिस्सा बने चाहे भारत या पाकिस्तान या अपने अलग से भी रह सकते है

जिसमें से 562 ने अपनी इच्छा से भारत के साथ विलय करने को लेकर हस्ताक्षर किये जिसका श्रेय सरदार पटेल और वीपी मेनन को ही जाता है

अंतिम चार राज्यों जूनागढ़, काश्मीर तथा हैदराबाद तीनों राज्यों को सेना की मदद से विलय करवाया गया और भोपाल सबसे लास्ट में विलय करने वाला राज्य था

स्टेचू ऑफ़ यूनिटी (Statue of Unity)

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके श्री नरेन्द्र मोदी के मन में हमेशा ही सरदार पटेल को लेकर गहन लगाव रहा है वो हमेशा राष्ट्रीय एकता के लिए पटेल को मानते है, इसी के कारण गुजरात में सबसे ऊँची प्रतिमा स्टेचू ऑफ़ यूनिटी का कंस्ट्रक्शन करवाया

सन् 1991 में मर्त्यु के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को भारत रत्न से नवाजा गया था। अहमदाबाद के हवाई अड्डा का नाम भी सरदार पटेल के नाम पर सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रखा गया।

लौह पुरुष कहे जाने वाले सरदार पटेल की जयंती पर उनको सत सत नमन  

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Article 63 in Hindi | उप राष्ट्रपति और भारत का संविधान

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Article 63 in Hindi

Article 63 in Hindi में भारत के उप राष्ट्रपति के बारे में बताया गया है |

Article 63 in Hindi

अनुच्छेद 63 के तहत भारत का एक उप राष्ट्रपति होगा, जिसकी शक्तिया भारतीय संविधान के आर्टिकल 63 से लेकर 70 तक बताई गयी है |

आर्टिकल 64 को इसी में आगे बढ़ा कर बताया गया है जिसमे लिखा है की उप राष्ट्रपति भारत की राज्यसभा का पदेन सभापति होगा |

आर्टिकल 65 के तहत अगर भारत के राष्ट्रपति का पद खाली रहता है तो उसकी जगह पर उप राष्ट्रपति ही राष्ट्रपति के रूप में कार्य करेगा और उनके कर्तव्यों का पालन करेगा |

राष्ट्रपति के कार्य करेगा:

अगर उप राष्टपति Article 63 in Hindi के बाद राष्ट्रपति के कार्य का पालन करता है तो वह राज्यसभा अध्यक्ष का पद नहीं संभाल सकेगा |

किसी भी स्थिति में अगर राष्ट्रपति का पद खाली होता है (मर्त्यु, त्यागपत्र या अन्य कारण से) तो उप राष्टपति उस दिन तक राष्टपति (President of India) के पद तक रहेगा जब तक वह पद वापस भरा नहीं जाता है |

राष्टपति के बीमार होने या किसी कारण पद ग्रहण करने में असक्षम होने पर भी उप राष्ट्रपति ही राष्ट्रपति के पद के कार्य करेगा |

एसी स्थिति में उप राष्टपति को वो सभी हक़ होंगे जो एक राष्ट्रपति को होते है |

उप राष्ट्रपति का निर्वाचन:

भारत के उप राष्ट्रपति का निर्वाचन प्रक्रिया में भाग लेने के लिए ये जरुरी है, ये सभी नियम Article 63 in Hindi के बाद article 66 में बताये गये है

  1. वह भारत का नागरिक हो
  2. 35 वर्ष की आयु हो
  3. राज्य सभा का सदस्य निर्वाचित होने में अर्हित हो
  4. किसी भी राज्य या सरकार में कोई लाभ का पद ग्रहण नहीं किया हो

उप राष्ट्रपति का कार्यकाल (Article 63 से 70 in Hindi)

उप राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होगा

Vise President of India List

भारत के उप राष्ट्रपति को हटाना

Vise President of India को उसके पद से हटाया जा सकता है जिसमे राज्य सभा के सदस्यों का बहुमत हो और लोकसभा के सदस्य भी सहमत हो | साथ ही 14 दिन का समय दिया जाना निहित है |

उप राष्ट्रपति के कार्यकाल पूरा होने से पहले ही निर्वाचन प्रक्रिया से रिक्ति भर ली जाती है |

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राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान: State Election Rajasthan

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rajya-nirvachan-aayog-rajasthan निर्वाचन आयोग राजस्थान हिंदी

राजस्थान राज्य का निर्वाचन आयोग, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 325 द्वारा संशोधित भारत के चुनाव आयोग के अन्दर काम करते है ।

निर्वाचन आयोग का मुख्य काम किसी भी चुनाव (राज्य/केंद्र) से पहले वहा की वोटर लिस्ट तैयार करना है इसके साथ साथ Chunav Aayog ये भी सुनिश्चित करते है की चुनाव निष्पक्ष हो और अधिकारी होने वाले चुनाव में अधीक्षण, निदेशन और नियन्त्रण का कार्य भी करते है ।

चुनाव होने से कुछ समय पहले चुनाव आचार संहिता लगाई जाती है ।

निर्वाचन आयोग राजस्थान

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा राज्यों के स्तर पर राज्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की जाती है, rajya chunav aayukt Rajasthan सीधे तौर पर भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त को रिपोर्ट करते है ।

  1. राजस्थान के राज्य चुनाव आयुक्त कौन है ?

    आनंद कुमार, आईएएस ऑफिसर Anand Kumar IAS Rajasthan Chunav aayukt

Rajasthan Chunav aayog की स्थापना 1994 में भारत के सविधान के आर्टिकल 243 के तहत की गयी थी, जिसमे राज्य का एक राज्य चुनाव आयुक्त होगा ।

राजस्थान में 1960 से पंचायत के चुनाव हो रहे है, सबसे पहला पंचायत चुनाव 1960 में पंचायती राज विभाग द्वारा करवाया गया था ।

इसके बाद, चुनाव विभाग द्वारा वर्ष 1965, 1978, 1981 और 1988 में 2, 3, 4 वां और 5 वां चुनाव किया गया ।

6 वें, 7 वें, 8 वें और 9 वें आम चुनाव 1995, 2000, 2005 और 2010 में SEC (राज्य निर्वाचन आयोग राजस्थान) द्वारा आयोजित किए गए थे।

10 वें आम चुनाव जनवरी और फरवरी, 2015 में SEC (स्टेट इलेक्शन कमीशन) द्वारा आयोजित किए गए, अब 11 वे आम चुनाव 2020 में भी राज्य चुनाव आयोग द्वारा करवाया जायेगा ।

राजस्थान चुनाव प्रक्रिया:

राजस्थान में 33 जिला परिषदों (जिला स्तर), 295 पंचायत समितियों (ब्लॉक स्तर) और 9900 पंचायतों (ग्राम स्तर, जिसमें एक गाँव या गांवों का समूह शामिल है) के साथ पंचायती राज की त्रिस्तरीय व्यवस्था है।

प्रत्येक जिला परिषद में क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्र हैं।

Rajasthan Election Official Website

4 लाख तक की आबादी वाले जिला परिषद में 17 निर्वाचन क्षेत्र हैं और यदि जनसंख्या 4 लाख से अधिक है, तो प्रत्येक एक लाख या 4 लाख से अधिक के हिस्से के लिए निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या दो से बढ़ जाएगी।

वर्तमान में 33 जिला परिषदों में 1014 निर्वाचन क्षेत्र हैं।

और पढ़े:

राजस्थान हाई कोर्ट (जोधपुर + जयपुर) हिंदी में

राजस्थान सरपंच चुनाव 2020

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भारत के मंत्री और उनके विभाग – केंद्रीय मंत्रिमंडल 2020 list

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bharat ke mantri aur vibhag list latest

भारत के सांसद मिलकर संसद बनाते है जिनमे अलग अलग विभाग और मंत्रालय के मंत्री बनाए जाते है, जिनमे कैबिनेट और राज्य मंत्री शामिल है

भारत के मंत्री और उनके मंत्रालय लिस्ट

सबसे अहम् रोल प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का होता है |

फ़िलहाल केन्द्रीय मंत्रिमंडल में कुल 58 मंत्री हैं, जिसमें 25 कैबिनेट मंत्री, 9 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 30 राज्य मंत्री शामिल हैं

भारत के मंत्री की सूची 2020 (कैबिनेट+स्वतंत्र प्रभार)

केन्द्रीय मंत्रिमंडल

  • भारत के राष्ट्रपति कौन है ?

    श्री रामनाथ कोविंद
    Ramnath kovind

  • भारत के प्रधानमंत्री कौन है ?

    श्री नरेन्द्र मोदी
    Narendra Modi

  • भारत के गृह मंत्री कौन है?

    श्री अमित शाह

  • भारत के रक्षा मंत्री कौन है ?

    श्री राजनाथ सिंह

  • भारत के सड़क परिवहन मंत्री कौन है?

    नितिन गडकरी सड़क परिवहन मंत्री होने के साथ साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री भी है

  • भारत के वित् मंत्री कौन है?

    श्रीमती निर्मला सीतारमण, इनके पास कारपोरेट कार्य मंत्रालय भी है

  • भारत के उपभोक्ता मामले के मंत्री कौन है?

    श्री श्री रामविलास पासवान उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मंत्री है

  • भारत के कृषि मंत्री कौन है?

    श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भारत के कृषि एव किसान कल्याण मंत्री है,

  • भारत के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री कौन है?

    श्री नरेन्द्र सिंह तोमर भारत के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री है

  • भारत के कानून और न्याय मंत्री कौन है?

    श्री रविशंकर प्रसाद

  • भारत के कानून मंत्री कौन है?

    श्री रविशंकर प्रसाद
    1. कानून और न्याय मंत्रालय
    2. संचार मंत्रालय
    3. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय

  • भारत के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री कौन है?

    खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय श्रीमती हरसिमरत कौर बादल के पास है |

  • भारत के सामाजिक न्याय मंत्री कौन है?

    श्री थावर चंद गहलोत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के मंत्री है

  • भारत के विदेश मंत्री कौन है?

    डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर

  • भारत के कपडा मंत्री कौन है?

    श्रीमती स्मृति ईरानी

  • भारत के महिला और बाल विकास मंत्री कौन है?

    श्रीमती स्मृति ईरानी

  • भारत के स्वास्थ्य मंत्री कौन है?

    डॉ हर्षवर्धन,
    1. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
    2. विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
    3. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय

  • भारत के शिक्षा मंत्री कौन है?

    श्री रमेश पोखरियाल 
    मानव संसाधन विकास मंत्रालय

  • भारत के जनजातीय मंत्री कौन है?

    श्री अर्जुन मुंडा

  • भारत के पर्यावरण मंत्री कौन है ?

    श्री प्रकाश जावड़ेकर
    1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय 
    2. सूचना और प्रसारण मंत्रालय 
    3. भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम मंत्रालय 

  • भारत के रेल मंत्री कौन है?

    श्री पीयूष गोयल
    1. रेलवे मंत्रालय
    2. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय

  • भारत के पेट्रोल और गैस मंत्री कौन है?

    श्री धर्मेन्द्र प्रधान
    1. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय 
    2. इस्पात मंत्रालय 

  • भारत के अल्पसंख्यक मंत्री?

    श्री मुख्तार अब्बास नकवी

  • भारत के कोयला और खान मंत्री कौन है?

    श्री प्रल्हाद जोशी
    1. संसदीय मामलों के मंत्री 
    2. कोयला मंत्रालय 
    3. खान मंत्रालय

  • कौशल विकास मंत्री कौन है?

    डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय 
    कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय

  • भारत के पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्री कौन है?

    श्री गिरिराज सिंह

  • भारत के जल शक्ति मंत्री कौन है

    श्री गजेंद्र सिंह शेखावत

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और उनके विभाग

1.श्री संतोष कुमार गंगवार श्रम और रोजगार मंत्रालय
2.श्री राव इंद्रजीत सिंह1. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय2. योजना मंत्रालय
3.श्री श्रीपद येसो नाइकआयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा मंत्रालय, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (आयुष)
4.डॉ जितेंद्र सिंह उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय 
5.श्री किरेन रिजिजूयुवा मामले और खेल मंत्रालय
6.श्री प्रहलाद सिंह पटेल1. संस्कृति मंत्रालय2. पर्यटन मंत्रालय
7.श्री राज कुमार सिंह1. बिजली मंत्रालय2. नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
8.श्री हरदीप सिंह पुरी1. आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय2. नागरिक उड्डयन मंत्रालय
9.श्री मनसुख मंडाविया रसायन और उर्वरक मंत्रालय

राज्यमंत्री और उनके विभाग
1.श्री श्रीपद येसो नाइक रक्षा मंत्रालय
2.डॉ. जितेंद्र सिंह1. प्रधानमंत्री कार्यालय2. कार्मिक, जन शिकायत और पेंशन3. परमाणु ऊर्जा विभाग4. अंतरिक्ष विभाग
3.श्री किरेन रिजीजूअल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय
4.श्री राज कुमार सिंह कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय
5.श्री हरदीप सिंह पुरी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
6.श्री मनसुख एल. मंडाविया रसायन और उर्वरक मंत्रालय
7.श्री फग्गनसिंह कुलस्ते इस्पात मंत्रालय
8.श्री अश्विनी कुमार चौबे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
9.श्री अर्जुन राम मेघवाल1. भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय2. संसदीय कार्य मंत्रालय
10.जनरल (सेवानिवृत्त) वी.के. सिंह सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
11.श्री कृष्णपाल सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
12.दानवे रावसाहेब दादराव उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
13.श्री जी. किशन रेड्डी गृह मंत्रालय
14.श्री परषोत्तम रुपाला कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
15.श्री रामदास अठावले सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
16.साध्वी निरंजन ज्योति ग्रामीण विकास मंत्रालय
17.श्री बाबुल सुप्रियो पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
18.श्री संजीव कुमार बाल्यान पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्रालय
19.श्री धोत्रे संजय शामराव1. मानव संसाधन विकास मंत्रालय2. संचार मंत्रालय3. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
20.श्री अनुराग सिंह ठाकुर1. वित्त मंत्रालय2. कारपोरेट कार्य मंत्रालय
21.श्री अंगदी सुरेश चन्नबसप्पा रेल मंत्रालय
22.श्री नित्यानंद राय गृह मंत्रालय
23.श्री रतन लाल कटारिया1. जल शक्ति मंत्रालय2. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय
24.श्री वी. मुरलीधरन1. विदेश मंत्रालय 2. संसदीय कार्य मंत्रालय 
25.श्रीमती रेणुका सिंह सरुता जनजातीय मामलों का मंत्रालय
26.श्री रामेश्वर तेली खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
27.श्री सोम प्रकाश वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
28.श्री प्रताप चन्द्र सारंगी1. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय2. पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्रालय
29.श्री कैलाश चौधरी कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय
30.सुश्री देबाश्री चौधरी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
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